स्पष्ट आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर्स) पारित करने की आवश्यकता | Need for passing speaking orders

Image Loading
Image Loading
Image Loading
Image Loading

Need for passing speaking orders | स्पष्ट आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर्स) पारित करने की आवश्यकता के संबंध में नियम

कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 10 मार्च, 1995 के अनुसार स्पष्ट आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) पारित करने की आवश्यकता (Need for passing speaking orders) के संबंध में यह देखा गया है कि बहुत से मामलों में प्रशासनिक पदाधिकारी अपने समक्ष लंबित कार्यों का निपटान करते समय स्पष्ट आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) पारित नहीं करते हैं। जब ऐसा मामला प्रशासनिक अधिकरण के समक्ष उठाया जाता है तो अधिकरण के लिए उन परिस्थितियों एवं साक्ष्यों को समझना मुश्किल हो जाता है जिनको प्राधिकारियों ने अपने निर्णय लेते समय ध्यान में रखा था।

ये देखें :  ऊपरी आयु सीमा में छुट | Relaxation of upper age limit

अधिकरण प्रशासनिक प्राधिकारियों द्वारा पारित आदेशों को विशेषतः अर्ध न्यायिक स्वरूप के आदेशों को उपयुक्त रुप से ध्यान में रखें, इस आशय से यह सुझाव दिया जाता है कि प्राधिकारियों द्वारा किसी निर्णय विशेष लेने में सहायक सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों का अंतिम आदेश में उपयुक्त रूप से हवाला देकर इन्हें स्पष्ट आदेश बनाया जाए ताकि किसी न्यायिक कार्यवाही में ऐसे आदेश को चुनौती देते समय मामले के सभी पहलु न्यायिक प्राधिकारी के समक्ष हो।

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।


Leave a Reply