प्रशासन तथा सांसदों और राज्यों के विधान मंडलों के सदस्यों के बीच सरकारी काम-काज की उचित कार्य विधि | Official dealings between the Administration and Members of parliament and State Legislatures

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Official dealings between the Administration and Members of parliament and State Legislatures | प्रशासन तथा सांसदों और राज्यों के विधान मंडलों के सदस्यों के बीच सरकारी काम-काज की उचित कार्य विधि के अनुपालन के संबंध में अनुदेश

कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 25 अगस्त, 2000 के द्वारा प्रशासन तथा सांसदों और राज्यों के विधान मंडलों के सदस्यों के बीच सरकारी काम-काज की उचित कार्य विधि (Official dealings between the Administration and Members of parliament and State Legislatures) के अनुपालन के संबंध में अनुदेश जारी किये गए है। इस विषय पर सम्बन्धित विभाग के दिनांक 23 मई, 2000 के समसंख्यक कार्यालय ज्ञापन का संदर्भ लिया जा सकता है जिसमें इस विषय-वस्तु से संबंधित पूर्वानुदेशों का सारांश दोहराया गया है। पैरा 2 (v) में यह विनिर्दिष्ट किया गया है कि सरकारी कार्यालयों द्वारा आयोजित सार्वजनिक समारोहों में अपने क्षेत्र के संसद सदस्यों/विधान मंडलों के सदस्यों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए तथा ऐसे सदस्यों के लिए सार्वजनिक समारोह में समुचित आरामदेह सीटों की व्यवस्था की जाए जो भारत-सरकार के सचिव के रैंक से ऊपर के स्तर के होते हैं जैसा कि पूर्वता अधिपत्र (वारंट ऑफ प्रेसीडेंस) में दिया गया है।

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माननीय सांसद द्वारा विशेषाधिकार के नोटिस के प्रश्न पर कि उसे एक सार्वजनिक समारोह का आमंत्रण अग्रिम रूप से नहीं भेजा गया था, के संदर्भ में लोक-सभा के माननीय अध्यक्ष ने यह इच्छा व्यक्त की थी कि अपेक्षित अनुदेशों/मार्गदर्शी सिद्धांतों को उपयुक्त संशोधनों सहित दोहराया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनकी संबंधित कार्यकारी अधिकारियों द्वारा उपयुक्त तरीके से कड़ाई से अनुपालना की जाती है।

इस संबंध में गृह-मंत्रालय के दिनांक 27.03.1968 के कार्यालय ज्ञापन संख्या-25/6/68-स्थापना(क) की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है जिसमें इस बात पर बल दिया गया था कि जब कभी सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में संसद-सदस्यों ने भाग लेना हो तो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि बैठक की तारीख, समय, स्थान इत्यादि के बारे में उन्हें पर्याप्त समय पूर्व सूचना भेजी जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार का ब्यौरा, चाहे वह कितना छोटा ही क्यों न हो, भेजने में कोई चूक न हो। अतः मंत्रालयों/विभागों से यह सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध है कि-

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(i) माननीय सदस्यों को सार्वजनिक बैठकों/समारोह के संबंध में सूचना, द्रुतगामी संचार माध्यमों से भेजी जाए ताकि यह सूचना उन्हें समय रहते मिल सके।

(ii) यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सदस्य द्वारा प्राप्त जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा की जाए।

यह अनुरोध है कि उक्त अनुदेशों को कड़ी अनुपालना के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जाए।

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।


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