किसी भी संवेदनशील सूचना पर सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा प्रकाशन | Publication by retired officers on any sensitive information

Publication by retired officers on any sensitive information | सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा किसी संवेदनशील सूचना के प्रकाशनों को विनियमित करने वाले दिशा-निर्देश

कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 9 अप्रैल, 2008 के अनुसार सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा किसी संवेदनशील सूचना के प्रकाशनों को विनियमित करने वाले दिशा-निर्देश जारी किये गए है। सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा राज्य की सुरक्षा जिसका भारत की संप्रभुता और एकता पर प्रभाव पड़ता हो, को प्रकट करने वाली संवेदनशील सूचना संबंधित किताबें/लेखों के प्रकाशन सम्बन्धी घटनाओं पर निगरानी रखने की आवश्यकता विषयक इस विभाग के कार्यालय ज्ञापन संख्या 11017/48/92-अ.भा.से. (।।।) दिनांक 04.02.1993 की ओर मंत्रालयों /विभागों / प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जाता है कि संगत नियमो/अनुदेशों में दिए अनुसार जहाँ और जब आवश्यक हो समय पर आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई हो।

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2. इसके अतिरिक्त सरकार ने परिभाषित संवेदनशील संगठनों में कार्यरत अथवा स्थानांतरित पदाधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा विषयक संवेदनशील सूचना के प्रकाशन से संबंधित उपर्युक्त अनुदेशों की समीक्षा की है। तदनुसार इस विभाग ने सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली, 1972 संलग्न नियम 8 और फार्म 7 को दिनांक 31 मार्च, 2008 की अधिसूचना सं.सा.का.नि. 258(ई.) के अन्तर्गत संशोधित किया गया है। अधिसूचना भारत के राजपत्र में उसके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होगी। राजपत्र में मुद्रित अधिसूचना की प्रति इस नियम के साथ संलग्न है।

3. संशोधित नियमावली में प्रावधान किया गया है कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली के प्रारूप संख्या 26 में शामिल यथा निर्धारित प्रपत्र में सूचना का अधिकार अधिनियिम, 2005 की दूसरी अनुसूची में शामिल किसी आसूचना या सुरक्षा से संबंधित किसी संगठन से सेवानिवृत्त सरकारी सेवकों से वचनबंध लिया जाए। पेंशन नियमावली प्रारूप संख्या 7 में एक अतिरिक्त कॉलम अर्थात्‌ कॉलम 16-ए जोड़कर उसमें भी संशोधन किया गया है।

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4. प्रतिनियुक्ति इत्यादि के पूरे होने के पश्चात्‌ वर्णित संगठनों से स्थानांतरित कर्मचारियों के मामले में उनके स्थानांनतरण के समय पर वचनबंध दो प्रतियों में लिया जाए। वचनबंध की एक प्रति कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में उसकी उसमें प्रविष्टि के लिए और दूसरी प्रति वर्णित संगठन में रिकार्ड के लिए रखी जाएगी।

5. सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की तरफ से ऐसे वचनबंध देने के अनुपालन में कोई असफलता पाई जाती है तो उसके द्वारा इन नियमों के अन्तर्गत किया गया कदाचार समझा जाएगा। इसके अलावा संबंधित अधिकारी पेंशन कटौती/आहरण के रूप में समुचित शास्ति के लिए और वचनबंध की उपेक्षा करने की स्थिति में अभियोजन के लिए बाध्यकारी होगा। अतः पेंशन/कुटुम्ब पेंशन तथा उपदान के लिए जाँच सूची और फार्म में इस आशय का एक कॉलम होगा कि क्या सम्बन्धित व्यक्ति ने वर्णित संगठनों में से किसी में कार्य किया था और क्या उसके द्वारा दिया गया वचनबंध रिकार्ड में रखा है।

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6. सम्बन्धित विभाग द्वारा वित्त मंत्रालय इत्यादि से अनुरोध है कि उनके मार्गदर्शन और अनुपालन हेतु इन अनुदेशों को नोट कर लें।

7. जहां तक आई.ए. एंड ए.डी. में कार्यरत व्यक्तियों का संबंध है तो इन्हें नियंत्रक और महालेखाकर कार्यालय के परामर्श से जारी किया गया है।

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।


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