सामान्य भविष्य निधि से निकासी के प्रावधानों में संशोधन सम्बन्धी नियम | Provisions for withdrawals from GPF

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Provisions for withdrawals from GPF | सामान्य भविष्य निधि से निकासी के प्रावधानों में संशोधन सम्बन्धी नियम

भारत सरकार के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 7 मार्च, 2017 के अनुसार सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम 1960 में लागू हुए थे और उक्त नियमावली के नियम 15 के तहत कर्मचारी अपने सामान्य भविष्य निधि खाते से निकासी कर सकते हैं। खाताधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए समय-समय पर कुछ संशोधन किए गए हैं। हालांकि, प्रावधान, काफी हद तक प्रतिबंधात्मक हैं जिस हेतु प्रावधानों को उदार बनाने, सीमाएं बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

2. नियमों में प्रावधानों की समीक्षा की गई है और अब निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए खाताधारक द्वारा फंड से निकासी की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है:

  • शिक्षा – इसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा, सभी विषयों और संस्थानों को शामिल किया जाएगा।
  • अनिवार्य व्यय – स्वयं या परिवार के सदस्यों और आश्रितों की सगाई, विवाह, अंतिम संस्कार एवं अन्य समारोह।
  • स्वयं, परिवार के सदस्यों या आश्रितों की बीमारी।
  • उपभोग की वस्तुओं की खरीद।

3. बारह महीने के वेतन या जमा राशि का तीन-चौथाई तक की निकासी की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है, जो भी कम हो। बीमारी के लिए, खाताधारक की जमा राशि का 90% तक की निकासी की अनुमति दी जा सकती है। सामान्य भविष्य निधि खाताधारक दस साल की सेवा पूरी करने के बाद ही निकासी की मांग कर सकता है।

  • भवन सहित आवास या अपने आवास के लिए एक उपयुक्त घर या तैयार फ्लैट का अधिग्रहण करना।
  • बकाया आवास ऋण का पुनर्भुगतान।
  • घर बनाने के लिए जमीन की खरीद।
  • अधिग्रहित जमीन पर एक घर का निर्माण।
  • पहले से ही अधिग्रहित घर पर पुनर्निर्माण या बनाना।
  • पैतृक घर का नवीनीकरण, परिवर्धन या परिवर्तन।
ये देखें :  मकान किराया भत्ता की स्वीकार्यता के लिए 'आवास न होने का प्रमाण-पत्र' में छूट | Admissibility of HRA - Dispensation of “No Accommodation Certificate"

4. उपरोक्त उद्देश्यों के लिए खाताधारक को जमा धनराशि पर नब्बे प्रतिशत तक की राशि निकालने की अनुमति दी जा सकती है। वर्तमान निर्देशों को रद्द करने के साथ यह भी निर्धारित किया गया है कि जिस घर हेतु सामान्य भविष्य निधि का आहरण लिया गया है उस घर की बिक्री के बाद आहरित धनराशि को वापस जमा किया जाना है। आवास प्रयोजन के लिए जीपीएफ निकासी, अब घर निर्माण अग्रिम के नियमों के तहत निर्धारित सीमा से जुड़ी नहीं होगी। खाताधारक को उसकी सेवा के दौरान किसी भी समय यह सुविधा प्राप्त करने की अनुमति दी जा सकती है।

  • मोटर कार/मोटर साइकिल/स्कूटर आदि की खरीद या इस प्रयोजन के लिए पहले से लिया गया ऋण चुकाना।
  • मोटर कार की व्यापक मरम्मत/जीर्णोद्धार।
  • मोटर कार/मोटर साइकिल/स्कॉटर, मोपेड आदि बुक करने के लिए जमा करना।

5. एक खाताधारक को कुल जमा धनराशि या वाहन की लागत पर तीन-चौथाई राशि निकालने की अनुमति दी जा सकती है, जो भी उपरोक्त उद्देश्यों के लिए कम हो। 10 साल की सेवा पूरी होने के बाद उपरोक्त उद्देश्य के लिए निकासी की अनुमति दी जाएगी।

6. वर्तमान में, बिना कारण बताए 90% तक की निकासी की अनुमति उन सरकारी कर्मचारियों को दी जा सकती है जो एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हों। यह प्रस्तावित किया जाता है कि सेवानिवृत्ति से दो साल पहले तक के लिए यह अनुमति दी जा सकती है।

7. खाताधारक द्वारा जमा धनराशि से निकासी के सभी मामलों में, घोषित ‘‘विभाग के प्रमुख’’ निकासी को मंजूरी देने के लिए सक्षम है। खाताधारक द्वारा कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। निकासी के कारणों की व्याख्या करने वाला एक सरल घोषणा पत्र खाताधारक द्वारा प्रस्तुत करना पर्याप्त होगा।

ये देखें :  सातवें वेतन आयोग में इन अग्रिमों को कर दिया गया है समाप्त | Advances abolished

8. सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम 1960 के अनुसार, निकासी राशि के अनुमोदन और भुगतान के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसलिए, निधि से निकासी और भुगतान की मंजूरी के लिए पंद्रह दिनों की अधिकतम समय सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। आपात स्थिति जैसे बीमारी आदि के मामले में, समय सीमा सात दिनों तक सीमित की जा सकती है।

9. सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम 1960 के लिए आवश्यक संशोधन, उपरोक्त प्रावधानों को प्रभावी रूप से यथोचित रूप से जारी किया जाएगा।

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।

ये देखें :  सातवें वेतन आयोग में एलटीसी नियम | LTC rules in 7th pay commission

GPF withdrawal rules

GPF withdrawal rules allow withdrawal of funds by the account holder for Education, Mandatory Expenses, Illness of self, family members or dependents and purchase of consumables purposes.
It has been decided to allow withdrawal of up to three-fourth of twelve months’ salary or deposit, whichever is less. 
For illness, withdrawal of up to 90% of the account holder’s deposit may be allowed. 
The general provident fund account holder can claim withdrawal only after completing ten years of service.
An account holder may be allowed to withdraw three-fourth of the total amount deposited or the cost of the vehicle, whichever is less for the above purposes. Withdrawal for the above purpose will be allowed after completion of 10 years of service.
At present, withdrawal up to 90% without assigning any reason can be allowed to those Government servants who are due to retire within a year. It is proposed that this permission may be given up to two years before retirement.

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