जानें किस नियम से दिया जाता है प्रत्येक छः माह में 15 दिन का अर्जित अवकाश | Rules for credit of Earned Leave

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Rules for credit of Earned Leave | प्रत्येक छः माह में 15 दिन का अर्जित अवकाश देने सम्बन्धी नियम

कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 7.5.1991 के अनुसार 15 दिनों के अग्रिम अवकाश को अवकाश खाते में जमा किया जाएगा। कुल अवकाशों को कॉलम 7 में 240 दिनों की सीमा से अधिक होने पर 240+ के रूप में दिखाया जाएगा। 240 दिनों की सीमा (वर्तमान में 300 दिन तक बढ़ाने का नियम प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे) से अधिक दिनों को कोष्ठक में दिखाया जाएगा। वर्तमान आधे वर्ष के दौरान ली गई छुट्टी को पहले कॉलम 7 में कोष्ठक में दिखाए गए आंकड़े के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा। कॉलम 11 में शेष दिनों को समायोजित करने के बाद 240 दिनों + 240 दिनों से अधिक की संख्या के साथ शेष अवकाशों को भी , यदि कोई शेष हो तो, दिखाया जाएगा। कॉलम 7 में कुल जमा अर्जित अवकाशों को अगले वर्ष में जोड़ने हेतु काॅलम 4 के अवकाशों को कॉलम 11 में केवल उस आंकड़े को जोड़ा जाएगा जो कोष्ठक के बाहर है। अवकाश खाते के रूप का एक नमूना नीचे दिए गए लिंक से प्राप्त करें।

ये देखें :  अर्जित अवकाश और अर्ध वेतन अवकाश की पात्रता | Entitlement of Earned Leave and Half Pay Leave

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।


Frequently Asked Questions | FAQs

Earned leave in hindi

Earned leave का हिन्दी में अर्थ होता है अर्जित अवकाश। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है अर्जित अवकाश को एक सरकारी कर्मचारी द्वारा एक माह में की गई सेवा के आधार पर 2.5 दिन का अवकाश अर्जित किया जाता है। इसी कारण इसे “अर्जित अवकाश” यानि “Earned leave” कहा जाता है। अर्जित अवकाश का उपभोग सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति के आधार पर ही किया जा सकता है।

ये देखें :  किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने पर अवकाश के बदले नगद राशि पाने की पात्रता | Leave encashment on death of a government employee during service

अर्जित अवकाश के नियम

अर्जित अवकाश के नियम के अंतर्गत सर्वप्रथम प्रत्येक सरकारी कर्मचारी द्वारा एक माह की सेवा करने पर 2.5 दिन का अवकाश “अर्जित” किया जाता है। इन अवकाशों को जनवरी एवं जुलाई माह में 15-15 दिन अर्थात वर्ष भर में कुल 30 दिन का अवकाश सरकारी कर्मचारी के अर्जित अवकाश में जोड़ा जाता है। सरकारी कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1972 द्वारा अभिशासित होते हैं तथा वे छुट्टी यात्रा रियायत (एलटीसी) को दोनों प्रकार अर्थात्‌ गृहनगर (होम टाऊन) तथा भारत दर्शन (आल इंडिया) प्राप्त करते समय 10 दिनों तक के अर्जित अवकाश का नकदीकरण करवाने के हकदार होते हैं। छुट्टी यात्रा रियायत (एलटीसी) के दौरान लिया जाने वाले नकदीकरण को कर्मचारी अपने सेवाकाल में कुल 6 बार (अधिकतम 60 दिन) तक ले सकता है। सरकारी नौकरी पूरी करने पर सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को अधिकतम 300 दिन के अर्जित अवकाश का नकदीकरण दिया जाता है।

ये देखें :  मकान किराया भत्ता की स्वीकार्यता के लिए 'आवास न होने का प्रमाण-पत्र' में छूट | Admissibility of HRA - Dispensation of “No Accommodation Certificate"

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