संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों का रोटेशनल स्थानांतरण | Rotational transfer of officials working in sensitive posts

Image Loading
Image Loading
Image Loading
Image Loading

Rotational transfer of officials working in sensitive posts | संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों का रोटेशनल स्थानांतरण सम्बन्धी नियम

केंद्रीय सतर्कता आयोग, भारत सरकार के परिपत्र संख्या 03/09/13 दिनांक 11 सितम्बर, 2013 के अनुसार संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के प्रभावी रूप से रोटेशनल स्थानांतरण करने हेतु (Rotational transfer of officials working in sensitive posts) पूर्व में भी केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में कई निर्देश जारी किये है जिसमे यह निर्धारित किया गया था कि मंत्रालयों / विभागों / संगठनों और सीवीओ को संवेदनशील पदों और इन पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान करना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि निहित स्वार्थों से बचने के लिए हर दो / तीन साल के बाद सख्ती से उनका रोटेशनल स्थानांतरण किया जाएं।

ये देखें :  पति और पत्नी दोनों के सरकारी सेवक होने की स्थिति में एलटीसी के नियम | LTC rules when both husband and wife are government servants

2. वर्षों से सतर्कता प्रशासन की देख-रेख में आयोग ने यह समीक्षा की है कि कई संगठनों में ऐसे रोटेशनल स्थानान्तरण को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जाता है, जिसके कारण अधिकारी लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहते हैं। इस तरह से अधिक समय तक और निरंतर एक ही पद पर बने रहने से कर्मचारियों के भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होने, निहित स्वार्थों को विकसित करने आदि के लिए सम्भावनाये बन जाती हैं जो किसी विभाग अथवा संगठन के हित में नहीं हो सकते हैं।

इसलिए, आयोग इस बात पर जोर देगा कि संवेदनशील पदों / नौकरियों को रखने वाले कर्मचारियों के आवधिक रोटेशनल स्थानांतरण (Rotational transfer of officials working in sensitive posts) को सुनिश्चित किया जाए। जैसे कि मंत्रालयों / विभागों / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम / बैंकों / संगठन आदि के द्वारा कर्मचारियों को एक ही स्थान / स्थिति में लंबे समय तक बनाए नहीं रखना चाहिए।

ये देखें :  चल तथा अचल सम्पतियों के लेन-देन में अनुमति देने की समय सीमा | Time limit for grant of permission for transaction in movable and immovable property

3. सभी विभागों / संगठनों के प्रमुखों / सीवीओ को सलाह दी जाती है कि वे आयोग के दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करवाना सुनिश्चित करें और इसे लागू करें। इसके अलावा, सीवीओ को विशेष रूप से आयोग को सौंपी गई सीवीओ की मासिक रिपोर्ट में संबंधित विभागों / संगठनों में रोटेशनल रूप से स्थानान्तरित किए गए कर्मचारियों की संख्या को इंगित करने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट भी भेजी जानी चाहिए।

सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक से उक्त नियम की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।


Leave a Reply